उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है और यहाँ की युवा आबादी पूरे देश में सबसे ज्यादा है। शिक्षा, खासकर उच्च शिक्षा, रोजगार और विकास का सबसे अहम साधन है। केंद्र और राज्य सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश में IIT और IIM की स्थापना योजना को लेकर बड़ी घोषणा हुई है। इस योजना के तहत आने वाले वर्षों में राज्य के कई जिलों में नए IIT (Indian Institute of Technology) और IIM (Indian Institute of Management) खोले जाएंगे।
इस रिपोर्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि यह योजना कब शुरू हुई, कहाँ-कहाँ नए संस्थान खुलेंगे, छात्रों और राज्य को इससे क्या लाभ मिलेगा और आवेदन से जुड़ी जानकारी क्या है।
उत्तर प्रदेश में IIT/IIM स्थापना योजना क्या है?
यह योजना राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त सहयोग से शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य है:
- उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाना
- राज्य में तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा को मजबूत करना
- छात्रों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय संस्थान उपलब्ध कराना
- रोजगार और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देना
फिलहाल यूपी में पहले से ही IIT कानपुर और IIM लखनऊ मौजूद हैं। लेकिन अब सरकार की योजना है कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में भी नए संस्थान खोले जाएं ताकि शिक्षा का संतुलित विकास हो सके।
कहाँ खुलेंगे नए IIT और IIM?
अभी तक सरकार की तरफ से जिन जिलों को चिन्हित किया गया है, उनमें प्रमुख हैं:
- वाराणसी / प्रयागराज – पूर्वांचल क्षेत्र के छात्रों को IIT की सुविधा
- झांसी / बांदा (बुंदेलखंड क्षेत्र) – तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा
- मेरठ / गाजियाबाद (पश्चिमी यूपी) – प्रबंधन शिक्षा और उद्योग-धंधों को सहयोग
- गोरखपुर / अयोध्या – शिक्षा और धार्मिक-पर्यटन विकास के साथ समन्वय
👉 शुरुआती चरण में 2 नए IIT और 2 नए IIM खोलने का प्रस्ताव है, जो धीरे-धीरे बढ़ाए जाएंगे।
छात्रों को क्या लाभ मिलेगा?
- अब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य राज्यों में जाने की ज़रूरत नहीं होगी।
- राज्य में ही IIT और IIM जैसे संस्थानों की उपलब्धता से समय और धन की बचत होगी।
- स्थानीय छात्रों को एडमिशन में आरक्षण का लाभ मिल सकता है।
- उद्योग और शिक्षा के बीच तालमेल से नौकरी के नए अवसर बढ़ेंगे।
- रिसर्च और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा मिलेगा।
योजना कब शुरू होगी?
- सरकार ने 2025-26 शैक्षणिक सत्र से पहले भूमि चयन और प्रारंभिक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
- पहले चरण में 1000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
- संभावना है कि 2027 तक पहले बैच के छात्रों को एडमिशन मिलना शुरू हो जाएगा।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना यूपी के शिक्षा स्तर को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। IIT और IIM की स्थापना से प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
यह योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
- उत्तर प्रदेश में प्रति वर्ष लाखों छात्र JEE और CAT की तैयारी करते हैं।
- यूपी के छात्रों का IIT और IIM में चयन प्रतिशत बहुत अधिक है, लेकिन उन्हें राज्य से बाहर जाना पड़ता है।
- यह योजना यूपी को शिक्षा का हब बनाने में मदद करेगी।
- नई संस्थाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार, रिसर्च और विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
भविष्य की संभावनाएँ
- सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले 10 वर्षों में हर मंडल में कम से कम एक प्रमुख तकनीकी या प्रबंधन संस्थान खोला जाए।
- यूपी को “Knowledge Capital of India” बनाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है।
- इससे विदेशी छात्रों को भी आकर्षित किया जा सकेगा।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में IIT/IIM स्थापना योजना राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है। इससे न सिर्फ़ छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा का अवसर मिलेगा बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और उद्योग जगत को भी बड़ा लाभ होगा। आने वाले वर्षों में यूपी शिक्षा और विकास के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनकर उभरेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. उत्तर प्रदेश में पहले से कितने IIT और IIM हैं?
यूपी में फिलहाल IIT कानपुर और IIM लखनऊ ही हैं।
Q2. नए IIT और IIM कहाँ खुलेंगे?
वाराणसी, झांसी, मेरठ और गोरखपुर जैसे शहरों में।
Q3. क्या छात्रों को आरक्षण मिलेगा?
हाँ, राज्य और केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार।
Q4. यह योजना कब शुरू होगी?
2025-26 में भूमि चयन होगा और 2027 तक कक्षाएँ शुरू होंगी।
Q5. कितने बजट का प्रावधान किया गया है?
पहले चरण में लगभग 1000 करोड़ रुपये।
Q6. क्या एडमिशन प्रक्रिया अलग होगी?
नहीं, JEE और CAT के माध्यम से ही एडमिशन होगा।
Q7. क्या यह योजना केवल सरकारी फंड से चलेगी?
हाँ, लेकिन PPP (Public-Private Partnership) मॉडल भी अपनाया जा सकता है।
Q8. क्या इससे स्थानीय छात्रों को लाभ होगा?
बिल्कुल, उन्हें राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
Q9. क्या यह योजना विदेशी छात्रों के लिए भी खुली होगी?
हाँ, आगे चलकर विदेशी छात्रों को भी एडमिशन मिल सकेगा।
Q10. क्या इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?
हाँ, शिक्षकों, रिसर्च, प्रशासन और उद्योगों में रोजगार तेजी से बढ़ेगा।