भारत सरकार का “नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2025” एक ऐसा क्रांतिकारी कदम है जो देश के हर नागरिक को डिजिटल दुनिया से जोड़ने का सपना साकार कर रहा है। इस मिशन की शुरुआत डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विस्तार के रूप में की गई, जिसका उद्देश्य है – हर गांव, हर पंचायत और हर ब्लॉक स्तर तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाना।
ग्रामीण भारत की बड़ी आबादी अब भी तेज़ और स्थिर इंटरनेट से वंचित है। ऐसे में सरकार ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि 2025 तक देश के 6.5 लाख से अधिक गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ा जाए। इसके लिए ऑप्टिकल फाइबर के ज़रिए नेटवर्क बिछाया जा रहा है, ताकि न केवल इंटरनेट सेवा बेहतर हो, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और ई-गवर्नेंस जैसी सेवाएं भी सुचारु रूप से पहुंचाई जा सकें।
इस मिशन के ज़रिए सरकार डिजिटल डिवाइड को खत्म करना चाहती है, जिससे ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की तकनीकी दूरी कम हो सके। पब्लिक वाई-फाई हॉटस्पॉट, स्मार्ट ग्राम पंचायत, और डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना के ज़रिए ग्रामीण इलाकों को सशक्त बनाया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि यदि हर गांव तक तेज़ इंटरनेट पहुंचेगा, तो स्थानीय लोग न केवल डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे, बल्कि रोज़गार, शिक्षा और ई-कॉमर्स के नए अवसरों से भी जुड़ पाएंगे। नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2025 इसी दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी पहल है, जो भारत को एक सशक्त डिजिटल राष्ट्र की ओर अग्रसर कर रहा है।
यह मिशन क्या है और कब शुरू किया गया था?
नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन (NBM) की घोषणा दिसंबर 2019 में केंद्रीय संचार मंत्रालय द्वारा की गई थी। इसका लक्ष्य था कि 2025 तक देश के सभी गांवों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाए।
विवरण | जानकारी |
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योजना का नाम | नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन (National Broadband Mission – NBM) |
घोषणा कब हुई | दिसंबर 2019 |
घोषित करने वाला विभाग | केंद्रीय संचार मंत्रालय (Ministry of Communications) |
मिशन का मुख्य उद्देश्य | 2025 तक देश के सभी गांवों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ना |
लागू क्षेत्र | भारत के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश |
मुख्य माध्यम | ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और वाई-फाई हॉटस्पॉट |
सहयोगी योजना | BharatNet परियोजना |
टारगेट उपयोगकर्ता | ग्रामीण जनता, पंचायतें, छात्र, किसान, उद्यमी |
मिशन के मुख्य उद्देश्य (लंबे बिंदुओं के रूप में)
उद्देश्य | विवरण |
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1. भारत के 6.5 लाख गांवों को जोड़ना | हर गांव को ब्रॉडबैंड से जोड़कर डिजिटल भारत का निर्माण करना। |
2. फाइबर नेटवर्क विस्तार | 30 लाख किमी ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का लक्ष्य। |
3. सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट | सभी ग्राम पंचायतों में पब्लिक वाई-फाई की सुविधा। |
4. डिजिटल सेवा डिलीवरी | शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं की डिजिटल पहुँच। |
5. महिला व युवाओं के लिए डिजिटल अवसर | स्किलिंग, ई-लर्निंग और डिजिटल सेवाओं में रोजगार। |
योजना से कौन लोग होंगे लाभान्वित?
- ग्रामीण विद्यार्थी: ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सहूलियत
- किसान: कृषि पोर्टल्स और मौसम की जानकारी ऑनलाइन
- महिलाएं: घर से डिजिटल काम या UPI से लेन-देन
- छोटे व्यापारी: डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बिक्री
- ग्राम पंचायत: सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन
योजना की विशेषताएं जिन्हें जानना ज़रूरी है:
- BharatNet परियोजना से जुड़ा सहयोग:
ब्रॉडबैंड मिशन को BharatNet से जोड़ा गया है जो भारत की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड परियोजना है। - PPP मॉडल के तहत फंडिंग:
सरकारी और निजी कंपनियों का मिलाजुला निवेश होगा। - स्मार्ट गांव की नींव:
यह योजना ‘स्मार्ट ग्राम पंचायत’ की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। - Real-time मॉनिटरिंग सिस्टम:
मिशन की प्रगति को डिजिटल डैशबोर्ड से ट्रैक किया जाएगा।
अब तक का प्रगति विवरण (Status Table)
कार्य | प्रगति (2025 तक) |
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ऑप्टिकल फाइबर बिछाना | 2.1 लाख ग्राम पंचायतों में पूरा |
वाई-फाई स्पॉट | 1.2 लाख पंचायतों में सक्रिय |
टॉवर अपग्रेडेशन | 80% मोबाइल टॉवर्स को फाइबर से जोड़ा गया |
ग्रामीण इंटरनेट उपयोगकर्ता | 40 करोड़ से अधिक यूजर्स |
मिशन 2025 के तहत नए कदम
- Satellite Broadband की शुरुआत दूरदराज़ क्षेत्रों के लिए
- 5G सेवाओं का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों में
- डिजिटल ग्राम पंचायत पोर्टल्स – प्रत्येक पंचायत की अपनी वेबसाइट
पहल का नाम | विवरण |
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Satellite Broadband सेवा | दूरदराज़ और दुर्गम क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए सैटेलाइट आधारित कनेक्टिविटी की शुरुआत की गई है। |
डिजिटल ग्राम पंचायत पोर्टल्स | प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए अलग डिजिटल पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिससे सरकारी सेवाएं और सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो सकें। |
लोगों के सामान्य सवाल और उनके उत्तर
सवाल | जवाब |
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क्या हर गांव में इंटरनेट मुफ्त होगा? | जी हाँ, पंचायत स्तर पर सार्वजनिक वाई-फाई मुफ्त होगा। |
निजी घरों में इंटरनेट कैसे मिलेगा? | निजी सेवा प्रदाता जैसे Jio, Airtel के ज़रिए कनेक्शन मिलेंगे। |
क्या इसके लिए कोई आवेदन करना होगा? | वाई-फाई उपयोग के लिए नहीं, लेकिन घरेलू ब्रॉडबैंड के लिए संबंधित ISP से संपर्क करें। |
योजना से जुड़े संभावित लाभ
- डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा
- ई-गवर्नेंस सेवाएं आसान होंगी
- ग्रामीण ई-कॉमर्स को गति
- स्वास्थ्य सेवाओं में Telemedicine की सुविधा
- रोज़गार के नए अवसर
सरकार का बयान
केंद्रीय संचार मंत्री ने हाल ही में कहा:
“नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन से डिजिटल डिवाइड को खत्म किया जाएगा और हर भारतीय को समान डिजिटल अवसर मिलेंगे।”
आने वाली चुनौतियां
- दूरदराज़ इलाकों में फाइबर पहुंचाना
- बिजली और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी
- लोगों को डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूक करना
निष्कर्ष:
नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2025 भारत के डिजिटल भविष्य की नींव रख रहा है। यदि यह मिशन समय पर पूरा होता है, तो यह न केवल गांवों में बदलाव लाएगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को सच करेगा।
नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2025 – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2025 हर राज्य में लागू होगा?
हाँ, यह योजना पूरे भारत में लागू की गई है, और इसमें सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है।
2. क्या इस मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में 4G/5G नेटवर्क भी मिलेगा?
जी हाँ, ब्रॉडबैंड नेटवर्क के साथ-साथ मोबाइल नेटवर्क टॉवर्स को भी फाइबर से जोड़ा जा रहा है जिससे 4G और 5G सेवाएं भी मिल सकें।
3. क्या मैं अपने गांव में फाइबर इंटरनेट के लिए आवेदन कर सकता हूँ?
व्यक्तिगत आवेदन की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आप अपने ग्राम पंचायत या स्थानीय ISP से संपर्क कर सकते हैं।
4. क्या यह योजना सिर्फ सरकारी वाई-फाई तक सीमित है?
नहीं, यह योजना पब्लिक वाई-फाई के साथ-साथ निजी ब्रॉडबैंड कनेक्शन को भी बढ़ावा देती है।
5. क्या भारत सरकार इस योजना में निजी कंपनियों को भी शामिल कर रही है?
हाँ, मिशन को PPP (Public-Private Partnership) मॉडल के तहत लागू किया जा रहा है। Jio, Airtel जैसी कंपनियां इसमें सहयोग कर रही हैं।
6. क्या नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन के तहत किसी तरह का ट्रेनिंग प्रोग्राम भी है?
हाँ, ग्रामीण युवाओं को डिजिटल लिटरेसी और इंटरनेट उपयोग की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
7. इस योजना में कितनी स्पीड का इंटरनेट मिलेगा?
गांवों में 50 Mbps से 100 Mbps तक की ब्रॉडबैंड स्पीड का लक्ष्य रखा गया है, स्थान के अनुसार यह अलग-अलग हो सकती है।
8. क्या पंचायत भवनों में फ्री इंटरनेट हर समय उपलब्ध रहेगा?
हाँ, पंचायत भवन और सार्वजनिक स्थानों पर Wi-Fi हॉटस्पॉट 24×7 चलाने की योजना है।
9. क्या इस योजना से गांवों में स्टार्टअप और ऑनलाइन बिजनेस को भी फायदा होगा?
बिलकुल, डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण उद्यमियों को अपना बिज़नेस ऑनलाइन शुरू करने का अवसर मिलेगा।
10. अगर किसी गांव में अभी तक कनेक्शन नहीं पहुँचा है तो क्या करें?
आप ग्राम पंचायत, नजदीकी BSNL कार्यालय या CSC केंद्र से संपर्क कर सकते हैं और Google पर “BharatNet status + [गांव का नाम]” भी सर्च कर सकते हैं।