हरियाली तीज का पर्व जहाँ पारंपरिक रूप से भाई की कोथली और महिलाओं के सजने-सँवरने से जुड़ा होता है, वहीं इस बार यह पर्व महिलाओं के लिए बदलाव और विकास की नई सौगात लेकर आया। नायाब सरकार ने तीज के शुभ अवसर पर महिलाओं को ‘कल्याणकारी योजनाओं की कोथली’ भेंट कर उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
राज्य सरकार की इन घोषणाओं का मकसद न सिर्फ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि बेटियों के जन्म से लेकर उनके उद्यमी बनने तक की पूरी यात्रा को सहयोग प्रदान करना है।
1. ‘लाडो सखी’ योजना की शुरुआत
इस योजना के तहत, जब किसी घर में बेटी का जन्म होता है, तो उस परिवार को सेवाएं देने वाली आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर और एएनएम को ₹1,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशु की देखभाल में लगे फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को सम्मान और प्रेरणा देना है।
यह योजना बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को भी बढ़ाएगी।
2. ‘बढ़ते कदम – डिजिटल बाल कार्यक्रम’ की घोषणा
नायाब सरकार ने एक और पहल करते हुए आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए ‘बढ़ते कदम’ डिजिटल प्रोग्राम शुरू किया है।
इस कार्यक्रम के तहत उन्हें डिजिटल संसाधनों से लैस किया जाएगा ताकि वे बच्चों की शिक्षा और देखभाल को तकनीक के माध्यम से बेहतर तरीके से अंजाम दे सकें।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में बचपन की शिक्षा और पोषण सुधारने में एक बड़ा बदलाव ला सकती है।
3. छात्राओं को ‘Do-it-yourself Kits’ का वितरण
राज्य सरकार ने 10,000 छात्राओं को ‘DIY किट्स’ (Do-it-yourself kits) देने की घोषणा की है, जिससे वे कम उम्र से ही स्वावलंबी बन सकें।
इन किट्स के माध्यम से उन्हें छोटे पैमाने पर व्यापार या कौशल निर्माण की ट्रेनिंग मिल सकेगी।
इसका उद्देश्य है कि किशोरियों में उद्यमिता की भावना को जागृत किया जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाए।
4. महिला स्टार्टअप सहायता योजना
महिलाओं के स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष योजना घोषित की है।
इसके अंतर्गत ₹50,000 से ₹1 लाख तक की वित्तीय सहायता महिला उद्यमियों को दी जाएगी।
हरियाणा स्टार्टअप नीति के तहत यह तय किया गया है कि 50% स्टार्टअप महिलाओं के नेतृत्व में होंगे, जिससे उन्हें नीति-निर्माण और नेतृत्व में अधिक भागीदारी मिलेगी।
5. महिला उद्यमिता मंच की स्थापना
महिला उद्यमियों को मार्गदर्शन देने और उनके विचारों को विस्तार देने के लिए सरकार ने नीति आयोग के सहयोग से ‘हरियाणा स्टेट चैप्टर’ की स्थापना की है।
यह मंच 700 से अधिक विशेषज्ञों के सहयोग से महिलाओं को ट्रेनिंग, फंडिंग और बाज़ार सुविधा प्रदान करेगा।
यह मंच विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए लाभकारी रहेगा जो अपने व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाना चाहती हैं।
6. रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश
नायाब सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के लिए ₹14.26 करोड़ की राशि के चेक वितरित किए हैं।
यह धनराशि जुलाई 2025 तक दी गई और इसका उद्देश्य है कि ग्रामीण महिलाएं स्वयं की आर्थिक गतिविधियाँ संचालित कर सकें।
7. ‘रूरल मार्ट्स’ की चाबी सौंपना
6 जिलों में ग्राम स्तर की दुकानों (Rural Marts) की चाबियाँ स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गईं।
इन दुकानों के माध्यम से महिलाएं स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर सकेंगी, जिससे उनके आर्थिक विकास को नया रास्ता मिलेगा।
8. उत्कृष्ट स्वयं सहायता समूहों को सम्मान
सरकार ने बेहतरीन कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने हेतु पुरस्कारों की घोषणा की:
पुरस्कार श्रेणी | पुरस्कार राशि |
---|---|
प्रथम स्थान | ₹1,00,000 |
द्वितीय स्थान | ₹50,000 |
तृतीय स्थान | ₹25,000 |
इसके अतिरिक्त:
- राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार: ₹3 लाख
- उत्कृष्ट महिला शिल्पकार पुरस्कार: ₹3 लाख
- 12 सांत्वना पुरस्कार: ₹51,000 प्रत्येक
9. 131 महिला सांस्कृतिक केंद्रों का उद्घाटन
महिलाओं की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच देने के लिए 131 महिला सांस्कृतिक केंद्रों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया गया।
इन केंद्रों पर महिलाएं गीत, भजन, नृत्य, नाटक जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी पहचान बना सकेंगी।
विरासत भी, विकास भी – तीज पर सरकार की कोथली में आशा
इस तीज, सरकार ने ‘भाई की कोथली’ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं के लिए विकास की कोथली भेंट की है।
हर योजना एक ठोस प्रयास है महिला सशक्तिकरण की दिशा में – चाहे वो शिक्षा हो, स्वास्थ्य, व्यवसाय या संस्कृति।
राज्य सरकार का संदेश स्पष्ट है:
“हमारी विरासत ही हमारी शक्ति है और महिलाओं का विकास ही राज्य का विकास है।”
निष्कर्ष:
हरियाली तीज पर नायाब सरकार की ये योजनाएं सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक और भविष्य को संवारने वाली पहल हैं।
इनके ज़रिए महिलाओं को सम्मान, संसाधन, और अवसर—तीनों प्रदान किए गए हैं।
अब समय है कि महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठाकर नई ऊँचाइयों को छुएं और समाज में समानता और आत्मनिर्भरता का नया उदाहरण प्रस्तुत करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न – Hariyali Teej Mahila Yojana 2025
Q1. हरियाली तीज महिला योजना 2025 का लाभ किन महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर मिलेगा?
इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं को प्राथमिकता देना है जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही हैं, विधवा, परित्यक्ता या घरेलू हिंसा की शिकार हैं। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ कम मिला है, उन्हें भी प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार इस योजना को महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
Q2. क्या Hariyali Teej Mahila Yojana के तहत केवल एक बार ही आर्थिक सहायता मिलेगी या हर साल लाभ मिलेगा?
इस योजना के तहत एकमुश्त सहायता (One-Time Benefit) दी जाती है। लाभार्थी महिलाओं को हरियाली तीज के अवसर पर ₹5100 तक की आर्थिक मदद मिलती है। यह हर साल नहीं दी जाती, बल्कि एक बार पात्रता के आधार पर ही लाभ मिलता है। हालांकि राज्य सरकार योजना की निरंतरता पर भविष्य में पुनर्विचार कर सकती है।
Q3. क्या किराए के मकान में रहने वाली महिलाएं भी Hariyali Teej Mahila Yojana का लाभ ले सकती हैं?
जी हां, यदि महिला के पास निवास प्रमाण पत्र (Residence Proof) है जो दर्शाता है कि वह उस राज्य या क्षेत्र की निवासी है, तो वह योजना का लाभ ले सकती है। किराए के मकान में रहने से पात्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, जब तक अन्य शर्तें पूरी की गई हों।
Q4. क्या हरियाली तीज महिला योजना 2025 में ऑनलाइन आवेदन के दौरान दस्तावेज़ अपलोड करने में गलती होने पर आवेदन रिजेक्ट हो जाएगा?
हां, आवेदन के दौरान गलत या अपूर्ण दस्तावेज़ अपलोड करने पर आवेदन अस्वीकृत किया जा सकता है। सरकार द्वारा निर्धारित पोर्टल पर आवेदन करते समय यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी दस्तावेज़ स्पष्ट, वैध और अपलोड गाइडलाइन के अनुरूप हों। फॉर्म सबमिट करने से पहले ‘Review’ ज़रूर करें।
Q5. यदि किसी महिला के पास आधार कार्ड नहीं है तो क्या वह Hariyali Teej Mahila Yojana 2025 में आवेदन कर सकती है?
आधार कार्ड एक अनिवार्य दस्तावेज़ है क्योंकि इसके बिना आपकी पहचान और बैंक खाता सत्यापित नहीं किया जा सकता। यदि किसी महिला के पास आधार नहीं है तो उसे आवेदन से पहले आधार कार्ड बनवाना जरूरी होगा। बिना आधार के आवेदन मान्य नहीं माने जाएंगे।
Q6. Hariyali Teej Mahila Yojana के अंतर्गत कितने दिनों में लाभार्थी के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर हो जाती है?
सामान्यतः आवेदन स्वीकृत होने के 15 से 30 कार्यदिवसों के भीतर राशि लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (DBT) माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाती है। हालांकि इसमें क्षेत्रीय या प्रशासनिक कारणों से थोड़ी देर भी हो सकती है।
Q7. क्या एक ही परिवार की दो महिलाएं Hariyali Teej Mahila Yojana 2025 का लाभ ले सकती हैं?
नहीं, एक परिवार से केवल एक महिला को इस योजना का लाभ दिया जाता है। यदि परिवार से दो महिलाओं ने आवेदन किया है तो सरकार द्वारा किसी एक पात्र महिला का चयन किया जाएगा, अन्य का आवेदन स्वतः निरस्त हो सकता है।
Q8. क्या यह योजना केवल हरियाणा राज्य की महिलाओं के लिए है या अन्य राज्यों की महिलाएं भी लाभ ले सकती हैं?
Hariyali Teej Mahila Yojana 2025 विशेष रूप से हरियाणा सरकार द्वारा चलाई गई योजना है और इसका लाभ केवल हरियाणा राज्य की स्थायी निवासी महिलाओं को ही मिलेगा। अन्य राज्य की महिलाएं पात्र नहीं मानी जाएंगी, चाहे वे हरियाणा में रह रही हों।
Q9. क्या इस योजना में आर्थिक रूप से संपन्न महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं?
नहीं, यह योजना केवल आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) वर्ग की महिलाओं के लिए है। यदि किसी महिला के पास सरकारी नौकरी है या पारिवारिक आय अधिक है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी। झूठी जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
Q10. अगर पहले किसी महिला ने योजना का लाभ ले लिया है, तो क्या वह दोबारा भी इसके लिए आवेदन कर सकती है?
नहीं, Hariyali Teej Mahila Yojana का लाभ एक महिला को केवल एक बार ही मिलता है। अगर पहले लाभ लिया जा चुका है, तो दोबारा आवेदन करने की अनुमति नहीं होती। सिस्टम के ज़रिए पुराना डेटा मैच किया जाता है, जिससे डुप्लिकेट एंट्री रिजेक्ट हो जाती है।