भारतीय शेयर बाजार अगले सप्ताह एक अहम मोड़ पर है — अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) के ब्याज दर में संभावित कटौती के संकेत, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की ताज़ा ट्रेडिंग गतिविधि, RBI की मौद्रिक नीति, वैश्विक आर्थिक माहौल और भू-राजनीतिक तनाव सभी एक साथ बाजार को दिशा दे सकते हैं। आइए जानते हैं वह 5 सबसे अहम ट्रिगर्स जो अगले सप्ताह D-Street की दिशा तय करेंगे:
1. US Fed Rate Cut Buzz – अमेरिकी कटौती की अफवाह से बाजार में उम्मीदें
- Jackson Hole Symposium में US Fed के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के सक्सेसफुल बोल्डविच संकेत ने यह संभावना जगाई है कि Fed जल्द ब्याज दरों में कटौती कर सकता है
- इस उम्मीद से डॉलर और US बॉन्ड रिटर्न पर दबाव बढ़ा, जिससे Emerging Markets जैसे भारत में पूंजी संभावित रूप से बह सकती है
2. Global Cues – वैश्विक रुख जो हाथ थामकर साथ चले
- वैश्विक बाजार, विशेषकर अमेरिका से सकारात्मक संकेत, भारतीय बाजार को आत्मविश्वास दे रहे हैं
- हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भाव को आगे ले जाने में Nifty 50 का 25,250-25,300 का स्तर बड़ी बाधा हो सकता है
3. FPIs की ट्रेडिंग पैटर्न में बदलाव – निवेश बाहर जाने पर रोक लग सकती है
- FPIs ने पहले सप्ताह में लगभग ₹1,560 करोड़ की बिकवाली की लेकिन अब हटते US बॉन्ड रिटर्न और डॉलर के दबाव के चलते यह रुझान रुक सकता है
- DIIs ने ₹10,388 करोड़ का नेट प्रवाह बनाए रखा, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिल रहा है
4. RBI Rate Cut Buzz – घरेलू कर्ज सस्ता हो सकता है
- US Fed दर कटौती से RBI को भी अपनी मौद्रिक नीति में ढील देने का मौका मिल सकता है, जिससे 25 bps की कटौती संभव दिखती है
5. रूस-यूक्रेन संघर्ष – एक भू-राजनीतिक जोखिम
- Trump-Putin या Trump-Zelensky की मुलाकातों के बीच भी रूस-यूक्रेन संघर्ष जारी है — यह तनाव कभी भी बाजार का मूड बदल सकता है
बाजार इसका क्या मतलब हो सकता है?
- खुले बाजार में तेजी? अगर Fed कटौती को लेकर उम्मीदें सच होती हैं और FPIs बिकवाली रोकते हैं, तो Nifty 50 में सुधार और 25,200–25,300 का रिटेस्ट संभव है।
- RBI की भूमिका अहम: अगर RBI भी दरें घटाता है तो घरेलू आर्थिक गतिविधियाँ मजबूत कर सकती हैं।
- दूसरी ओर, जोखिम भी कम नहीं: Geopolitical तनाव और वैश्विक मुद्रास्फीति चिंता का कारण बने रह सकते हैं।
- इंटरनेशनल निवेश बहाव: डॉलर कमजोर हो और विदेशी को भारी रिटर्न न मिले, तो पूंजी वापस भारतीय बाजार में आ सकती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
अगला सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए अत्यंत संवेदनशील रहेगा। US Fed की संभावित दर कटौती, FPIs की प्रवृत्ति, RBI की प्रतिक्रिया, वैश्विक आर्थिक संकेत, और रूस-यूक्रेन जैसे जियोपॉलिटिकल मुद्दों का असर चारों ओर रहेगा। यदि ये सभी ट्रिगर्स हाथ मिलाकर सकारात्मक हों, तो दशाल Street पर बुल रन की शुरुआत हो सकती है। लेकिन अगर कहीं कोई घिसा हुआ रुझान उलट जाए, तो मुनाफा बुकिंग और उलट सेक्शन कभी भी शुरू हो सकता है।