भारत सरकार ने परंपरागत कारीगरों और दस्तकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2025 की शुरुआत की है। यह योजना देश के उन लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है जो पारंपरिक व्यवसाय जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, सुनार, मूर्तिकार, मछली पकड़ने वाले, और अन्य हस्तशिल्प से जुड़े हुए हैं।
इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि उनके कौशल को निखारकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है।
यह योजना क्या है और कब शुरू की गई थी?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना को सबसे पहले 15 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से घोषित किया था। अब 2025 में इसे नए स्वरूप में लॉन्च किया गया है जिसमें अधिक फायदेमंद सुविधाएं और व्यापक पहुंच जोड़ी गई है।
विषय | विवरण |
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📌 योजना का नाम | प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2025 |
🗓️ पहली घोषणा | 15 अगस्त 2023, लाल किला (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा) |
🚀 री-लॉन्च | वर्ष 2025 में नए स्वरूप में |
🎯 उद्देश्य | पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक सहयोग, स्किल ट्रेनिंग और आत्मनिर्भरता देना |
🔧 नए बदलाव | अधिक सुविधाएं, आसान लोन, डिजिटल मार्केट एक्सेस, फ्री ट्रेनिंग |
विश्वकर्मा योजना 2025 के मुख्य उद्देश्य
- पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक सहयोग प्रदान करना।
- उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण देकर स्किल्ड बनाना।
- आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराना।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मार्केटिंग की सुविधा देना।
- आत्मनिर्भर भारत अभियान को सशक्त बनाना।
उद्देश्य | विवरण |
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1. आर्थिक सहयोग | पारंपरिक कारीगरों को ₹15,000 तक टूल्स के लिए अनुदान, ₹1 लाख तक सस्ते लोन और ₹500/दिन प्रशिक्षण भत्ता दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। |
2. तकनीकी प्रशिक्षण | हर लाभार्थी को 15 दिन का कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे वे अपने काम में नए उपकरण और तकनीक का उपयोग करना सीख सकें। |
3. उपकरण खरीद के लिए ऋण सुविधा | कारीगरों को बिना गारंटी के आसान ब्याज दर पर ₹1 लाख तक का लोन मिलेगा जिससे वे अपने व्यापार को आधुनिक बना सकें। |
4. डिजिटल मार्केटिंग सपोर्ट | सरकार उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराएगी जिससे वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेच सकें और राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्राहक पा सकें। |
5. आत्मनिर्भर भारत को सशक्त बनाना | यह योजना लोकल कारीगरों को ग्लोबल पहचान दिलाने में मदद करेगी जिससे ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूती मिलेगी। |
किन लोगों को मिलेगा इस योजना का लाभ?
इस योजना के अंतर्गत 18 प्रकार के पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं:
- बढ़ई (Carpenter)
- सुनार (Goldsmith)
- लोहार (Blacksmith)
- धोबी (Washerman)
- राजमिस्त्री (Mason)
- दर्जी (Tailor)
- कुम्हार (Potter)
- मूर्तिकार (Sculptor)
- जाल बुनकर (Net maker)
- मोची (Cobbler)
- मछुआरे (Fisherman)
- टोकरा बुनने वाले (Basket weaver)
- हथकरघा बुनकर (Handloom weaver)
विश्वकर्मा योजना 2025 के लाभ
लाभ | विवरण |
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🎓 फ्री ट्रेनिंग | 15 दिनों की स्किल ट्रेनिंग (₹500 प्रतिदिन भत्ता) |
🛠️ उपकरण खरीद अनुदान | ₹15,000 तक टूल्स खरीदने के लिए |
💰 सस्ता लोन | ₹1 लाख तक का लोन 5% ब्याज पर |
📢 मार्केटिंग सपोर्ट | डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिक्री की सुविधा |
📄 डिजिटल सर्टिफिकेट | UDYAM रजिस्ट्रेशन के साथ प्रमाण पत्र |
📞 हेल्पलाइन | आवेदन और सहायता के लिए टोल फ्री नंबर |
आवेदन प्रक्रिया (ऑनलाइन/ऑफलाइन)
ऑनलाइन आवेदन:
- www.pmvishwakarma.gov.in पर जाएं
- योजना का चयन करें
- मोबाइल नंबर व OTP से रजिस्ट्रेशन करें
- दस्तावेज़ अपलोड करें
- सबमिट करें और acknowledgment डाउनलोड करें
ऑफलाइन आवेदन:
- नजदीकी CSC सेंटर या ग्राम पंचायत कार्यालय पर जाएं
- आवेदन फॉर्म भरें
- ज़रूरी दस्तावेज़ साथ ले जाएं
- जमा करके रसीद प्राप्त करें
जरूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक की कॉपी
- मोबाइल नंबर
- पेशा प्रमाण पत्र (यदि हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
योजना से जुड़ी कुछ खास बातें
- यह योजना पैन इंडिया लेवल पर लागू है।
- आवेदनकर्ता की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- कोई भी कारीगर जो किसी सरकारी नौकरी में नहीं है, इस योजना का लाभ ले सकता है।
- परिवार का कोई एक सदस्य ही आवेदन कर सकता है।
संपर्क जानकारी
- हेल्पलाइन नंबर: 1800-266-9980
- ईमेल: support@pmvishwakarma.gov.in
- वेबसाइट: www.pmvishwakarma.gov.in
आवेदन की स्थिति कैसे जांचें?
- योजना की वेबसाइट पर जाएं
- “Application Status” पर क्लिक करें
- मोबाइल नंबर या एप्लीकेशन ID डालें
- Status स्क्रीन पर दिखेगा
चरण | विवरण |
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वेबसाइट पर जाएं | प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: www.pmvishwakarma.gov.in |
स्टेटस सेक्शन चुनें | होमपेज पर दिए गए “Application Status” या “आवेदन की स्थिति जांचें” विकल्प पर क्लिक करें |
विवरण भरें | नए खुले पेज पर मोबाइल नंबर या एप्लीकेशन ID दर्ज करें |
बटन दबाएं | जानकारी भरने के बाद “Check Status” बटन पर क्लिक करें |
स्थिति देखें | आपकी आवेदन की स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी जैसे: “Under Review”, “Approved”, “Rejected” आदि |
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2025 पारंपरिक कारीगरों के लिए एक नई आशा की किरण है। इससे उन्हें आर्थिक सहयोग, तकनीकी प्रशिक्षण और डिजिटल मार्केट तक पहुंच मिलेगी। यदि आप या आपके परिवार में कोई व्यक्ति पारंपरिक काम से जुड़ा है, तो यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है।
विश्वकर्मा योजना 2025 – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या एक ही परिवार के दो सदस्य योजना का लाभ ले सकते हैं?
नहीं, केवल एक सदस्य ही पात्र होगा।
Q2. क्या पहले से व्यापार कर रहे कारीगर आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन उन्हें प्रमाण देना होगा कि वे उस व्यवसाय से जुड़े हैं।
Q3. क्या यह योजना महिलाओं के लिए भी है?
हाँ, यह योजना सभी के लिए है, महिला या पुरुष दोनों आवेदन कर सकते हैं।
Q4. ट्रेनिंग कहां होगी?
सरकारी ITI या मान्यता प्राप्त संस्थानों में।
Q5. क्या लोन चुकाना जरूरी है?
हाँ, यह सब्सिडी के साथ लोन है जिसे EMI में चुकाना होगा।